
कोटा – अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से संबद्ध शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय कोटा की राष्ट्र्रीय सेवा योजना इकाई एवं शासकीय विद्यालय लारीपारा के संयुक्त तत्वाधान में हर घर तिरंगा अभियान, जागरूकता रैली तथा विधिक जागरूकता हेतु विशेष शिविर का आयोजन किया गया।

मुख्य अतिथि न्यायाधीश श्रीमती दीप्ति बरुआ, अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति कोटा ने विद्यार्थियों तथा ग्रामवासियों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए के लिये प्रेरित करते हुए कहा कि तिरंगा भारत के गौरव का प्रतीक है और सभी को इसका सम्मान करना चाहिए. उनके द्वारा भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों के साथ-साथ निःशुल्क विधिक सहायता, बाल विवाह निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण और रैगिंग विरोधी कानूनों के बारे में व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई. प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. सपना पवार ने बताया कि यह पहल लोगों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करेगी, जिससे जनमानस में देशभक्ति की भावना का संचार होगा. ऐसे शिविर विद्यार्थियों को समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करते हैं. उन्होंने स्वयंसेवकों से शिविर में सीखे गए कानूनी ज्ञान को अपने गांव और परिवारों तक पहुँचाने का आह्वान किया. जिला संगठक शितेष जैन ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान अभियान राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रत्येक नागरिकों के समर्पण के प्रतीक के रूप में काम करेगा. हमें आम जन के मन में राष्ट्रप्रेम की भावना को जागृत करते हुए स्वतंत्रता के प्रतीकों के प्रति सम्मान का भाव पैदा करना है।

कार्यक्रम अधिकारी आनंद कुमार साव ने बताया कि इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को, हर घर तिरंगा अभियान की भावना के साथ मौलिक कानूनी अधिकारों, मानवाधिकारों और समाज के वंचित वर्गों के लिए उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम का संचालन रोशन कुमार दुबे के द्वारा किया गया. संकुल समन्वयक रामकुमार मरावी ने शासकीय महाविद्यालय कोटा से गोदग्राम लारीपारा तक जागरूकता रैली का आयोजन किये जाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया. इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी, शाला प्रबंधन समिति के अंजोरी साहू, गंगाराम साहू, कृष्णा साहू, बीरत राज, जुठेल राम, मोंगरा बाई, भगवती यादव, संकुल प्रभारी श्याम उरांव, होरीलाल साहू, कृष्ण कुमार क्षत्रिय, कलेश्वर सिदार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।