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NH-45 पर सड़क खोजने के बाद भी नहीं मिल रही सड़क, वाहनों की लंबी कतार से आमजन त्रस्त: संदीप शुक्ला

कोटा – बिलासपुर जिले को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले से जोड़ते हुए छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जोड़ने वाले प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग NH-45 की बदहाल स्थिति एक बार फिर चर्चा में है। बारिश शुरू होने के बाद रतनपुर से पेंड्रा के बीच सड़क पर आवागमन लगातार मुश्किल होता जा रहा है। सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ रहा है।


बताया जा रहा है कि रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। पिछले कुछ दिनों से बारिश के चलते सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। कई स्थानों पर वाहनों के फंसने से यातायात बाधित हो रहा है और लंबा जाम लग रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले चार दिनों से प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है। क्रेन की मदद से किसी तरह यातायात बहाल किया जाता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर वही स्थिति निर्मित हो जाती है।
ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंचे संदीप शुक्ला
जाम की सूचना मिलने पर पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला मौके पर पहुंचे और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों और जाम में फंसे यात्रियों ने उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया।
जाम में फंसे यात्रियों ने बताया कि घंटों तक वाहनों की कतार में खड़े रहने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से खाने-पीने सहित आवश्यक सामान की व्यवस्था करने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
सड़क निर्माण की तकनीक पर उठाए सवाल
पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने सड़क निर्माण की तकनीक पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मार्ग पर वाहनों की संख्या और भारी वाहनों का दबाव काफी अधिक है। ऐसे में वर्तमान तकनीक से बनाई जा रही डामर सड़क के लंबे समय तक टिकने पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों को सड़क निर्माण की तकनीक में आवश्यक संशोधन करते हुए भारी यातायात वाले इस मार्ग पर कांक्रीट सड़क निर्माण पर विचार करना चाहिए, ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे और बार-बार सड़क खराब होने की समस्या से यात्रियों को राहत मिल सके।
‘दो साल से ज्यादा बीते, हालत पहले से भी खराब’
संदीप शुक्ला ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सड़क निर्माण को लेकर दिए जाने वाले बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर देश में सड़क निर्माण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर रतनपुर-पेंड्रा मार्ग की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण को दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यदि सड़क की स्थिति पहले से बदतर हो गई है तो यह यात्रियों और आम जनता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आम जनता आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हो सकती है।
सांसदों और केंद्रीय मंत्री कार्यालय को दी जानकारी
सड़क समस्या के स्थायी निराकरण के लिए संदीप शुक्ला ने क्षेत्र के सांसद तोखन साहू तथा राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम से फोन पर चर्चा कर उन्हें मार्ग की वर्तमान स्थिति और आम जनता को हो रही परेशानियों से अवगत कराने की बात कही। इसके अलावा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में भी फोन के माध्यम से समस्या की जानकारी देने तथा ई-मेल के जरिए मुलाकात का समय मांगे जाने की जानकारी दी गई।
अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग तक मामला पहुंचने के बाद NH-45 की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर रतनपुर-पेंड्रा मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में भी जाम, गड्ढों और खराब सड़क के बीच परेशानी झेलते हुए सफर करना पड़ेगा।

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