
पेंड्रा बाईपास नहीं बनने से फिर हुई दर्दनाक दुर्घटना, विधानसभा में भी गूंजा बाईपास निर्माण का मुद्दा
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा नगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में पिता और पुत्र की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है। राय पेट्रोल पंप के पास कोयले से भरे तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार परिवार को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे के बाद एक बार फिर पेंड्रा बाईपास निर्माण की मांग तेज हो गई है।

पेंड्रा नगर के राय पेट्रोल पंप के पास मुख्य मार्ग पर कोयले से भरे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और उस पर सवार तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे में पिता तेरस भरिया और उनके पुत्र की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका जिला अस्पताल में उपचार जारी है।
जानकारी के अनुसार, कुडकई गांव निवासी तेरस भरिया अपने परिवार के साथ स्कूटी से पेंड्रा आ रहे थे। इसी दौरान सामने से एक अन्य वाहन आ रहा था और उसी समय कोयले से भरा ट्रेलर ओवरटेक करने लगा। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल डायल-112 और पुलिस को सूचना दी। डायल-112 की टीम ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने पिता और पुत्र को मृत घोषित कर दिया। इधर, लोगों ने ट्रेलर को शिशु मंदिर के पास रोक लिया और चालक को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने ट्रेलर जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस हादसे के बाद एक बार फिर पेंड्रा बाईपास निर्माण की मांग जोर पकड़ने लगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास नहीं बनने के कारण रोजाना भारी वाहन नगर के बीच से गुजरते हैं, जिससे लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। इसी मांग को लेकर जिला प्रेस क्लब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के नेतृत्व में 10 जुलाई से क्रमिक भूख हड़ताल और जनआंदोलन जारी है। आंदोलनकारी वर्षों पहले स्वीकृत 13 किलोमीटर लंबे पेंड्रा बाईपास का निर्माण जल्द शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
पेंड्रा बाईपास का मुद्दा अब छत्तीसगढ़ विधानसभा तक पहुंच चुका है। तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से इस विषय को विधानसभा में उठाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने पत्रकारों को भूख हड़ताल पर बैठने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार को जनहित में जल्द बाईपास निर्माण शुरू करना चाहिए।

लगातार हो रहे सड़क हादसे और बढ़ते जनदबाव के बीच अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर टिकी है। सवाल यही है कि आखिर स्वीकृत पेंड्रा बाईपास का निर्माण कब शुरू होगा और शहर को भारी वाहनों के दबाव से कब राहत मिलेगी?

