
कोटा – सावन माह में ग्रामीण अंचलों में वर्षों से चली आ रही रामचरित मानस गायन-वादन की परंपरा को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से कोटा विधानसभा क्षेत्र में विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रत्येक गांव की मानस मंडली को रामचरित मानस की प्रति एवं एक छाता उपलब्ध कराया जाएगा।
पूर्व जनपद अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का पर्व है। इस दौरान गांव-गांव में रामचरित मानस पाठ, भजन और धार्मिक आयोजनों की समृद्ध परंपरा रही है। समय के साथ जो आयोजन पहले प्रतिदिन होते थे, वे अब अधिकांश स्थानों पर साप्ताहिक होकर रह गए हैं। इसी परंपरा को फिर से प्रतिदिन प्रारंभ करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में मोबाइल और डिजिटल माध्यमों में बढ़ती व्यस्तता के कारण लोगों, विशेषकर युवाओं की धार्मिक आयोजनों में सहभागिता कम हुई है। ऐसे में मानस मंडलियों को प्रोत्साहित करने से नई पीढ़ी का धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों के प्रति जुड़ाव बढ़ेगा तथा गांवों में आध्यात्मिक वातावरण मजबूत होगा।
संदीप शुक्ला ने बताया कि कोटा विधानसभा के प्रत्येक गांव तक सावन माह प्रारंभ होने से पहले रामचरित मानस की प्रतियां और छाते पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि सभी मानस मंडलियां नियमित रूप से रामायण पाठ एवं भजन-कीर्तन का आयोजन कर सकें।
उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों से अपने-अपने गांव की सक्रिय मानस मंडलियों की सूची उपलब्ध कराने की अपील की है, जिससे निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी मंडलियों तक सामग्री पहुंचाई जा सके।
