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डीजीपी अरुण देव गौतम का जीपीएम का आकस्मिक दौरा, कानून-व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग पर दिए सख्त निर्देश

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का आकस्मिक दौरा कर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण एवं पुलिसिंग की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं राजस्व-पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक लेकर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण तथा आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित बैठक में महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े अपराध, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग, डायल-112 की कार्यप्रणाली तथा संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गई। डीजीपी ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो तथा आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों पर सतत निगरानी रखने और तकनीकी संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर विशेष जोर दिया।

बैठक के बाद डीजीपी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में निर्माणाधीन नवीन एसपी कार्यालय भवन एवं अत्याधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि आधुनिक पुलिस अधोसंरचना से पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ेगी और आम नागरिकों को त्वरित एवं बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

इसके बाद उन्होंने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं विवेचकों की बैठक लेकर वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना, घटनास्थल संरक्षण, डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्य संकलन, लंबित अपराधों के शीघ्र निराकरण तथा न्यायालयीन प्रकरणों की प्रभावी मॉनिटरिंग पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने थाना स्तर पर नियमित जनसुनवाई, बीट प्रणाली को सक्रिय रखने, ग्राम रक्षा समितियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बढ़ाने तथा साइबर अपराधों के प्रति जनजागरूकता पर भी विशेष बल दिया।

दौरे के दौरान डीजीपी ने हाल ही में चर्चित कोटमी लूटकांड का त्वरित खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि टीमवर्क, वैज्ञानिक अनुसंधान और पेशेवर पुलिसिंग के कारण इस गंभीर अपराध का शीघ्र खुलासा संभव हो सका।

अपने संबोधन में डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी जनता का विश्वास है। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को ईमानदारी, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और आम नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं मानवीय व्यवहार को प्रभावी पुलिसिंग की पहचान बताते हुए जिले के अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

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