
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटवार अपनी वर्षों पुरानी मांगों को लेकर एक बार फिर आंदोलन की राह पर हैं। कोटवार संघ ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर सकोला तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
सर्वप्रथम क्षेत्र के कोटवार सकोला तिराहे में एकत्र हुए इसके बाद अपनी मांगों को लेकर सकोला तहसील तक पैदल रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौपा।

संघ का कहना है कि लंबे समय से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन करने, पारिश्रमिक में वृद्धि कर न्यूनतम 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित करने तथा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं देने की मांग की है।
कोटवार संघ ने आरोप लगाया कि नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है और पात्र पारिवारिक सदस्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। संघ ने मांग की है कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा कोटवार परिवार के पात्र सदस्यों को प्राथमिकता दी जाए।
इसके अलावा, बिना उचित जांच के कोटवारों के विरुद्ध कार्रवाई पर रोक लगाने, अधिकारियों द्वारा मूल कार्यों के अलावा बेगारी कराए जाने पर प्रतिबंध लगाने तथा नगर पालिका एवं नगर निगम क्षेत्रों में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की भी मांग की गई है।
कोटवार संघ ने शासन से सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर कोटवारों के हित में आवश्यक आदेश जारी करने की अपील की है।



