

कोटा – अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से संबद्ध शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय कोटा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की बी-प्रमाण-पत्र की पात्रता के लिए परीक्षा आयोजित हुई. डॉ. मनोज सिन्हा कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं डॉ. कान्ति अंचल जिला संगठक बिलासपुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस परीक्षा में 28 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए. इस परीक्षा में देवलाल उइके कार्यक्रम अधिकारी रासेयो, शासकीय महामाया महाविद्यालय रतनपुर बाह्य परीक्षक के रूप में उपस्थित रहे.
प्राचार्य डॉ. नाज़ बेंजामिन ने स्वयंसेवकों से राष्ट्रीय सेवा योजना में सीखे हुए अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों को अपने आचरण में उतारने की अपील की, निःस्वार्थ सेवा को स्वयंसेवकों का पहला कर्तव्य बताया तथा उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दी. बाह्य परीक्षक देवलाल उइके ने स्वयंसेवकों को समाज के विभिन्न वर्गों के बीच निरंतर जागरूकता का कार्य करने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम अधिकारी शितेष जैन ने बताया कि बी-प्रमाण-पत्र की पात्रता के लिए ग्रामीण अंचल में सात दिवसीय विशेष शिविर में सहभागिता करना और 2 वर्ष में कुल 240 घण्टे नियमित गतिविधियों में कार्य करना सभी स्वयंसेवकों के लिए अनिवार्य होता है. निर्धारित मापदंड पूरा करने वाले स्वयंसेवकों के लिए यह परीक्षा दो चरणों में आयोजित की गई. प्रथम चरण में आयोजित लिखित परीक्षा के मूल्यांकन के उपरांत दूसरे चरण में स्वयंसेवकों का साक्षात्कार लिया, जिसमें उनसे एनएसएस से जुड़ने के कारण, अनिवार्य गतिविधियों के अंतर्गत उनके द्वारा संपादित किए गए कार्य, एनएसएस का लक्ष्य, उद्देश्य, सिद्धांत, प्रेरणा पुरुष, एनएसएस का प्रतीक चिन्ह, बैच का अर्थ आदि के संबंध में सवाल किए गए. साक्षात्कार के दौरान स्वयंसेवकों के द्वारा ग्राम करगीखुर्द में आयोजित विशेष शिविर एवं कोटा विकासखंड में जागरूकता हेतु किए गए विभिन्न कार्यों स्वास्थ्य शिविर, टीकाकरण, पोषण अभियान, साइबर क्राइम, बच्चों और वृद्ध जनों को दी गई निःशुल्क प्राथमिक शिक्षा, मतदाता जागरूकता अभियान, सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत पोस्ट ऑफिस में खाते खुलवाने हेतु ग्रामवासियों को प्रेरित करना, वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण, नशा उन्मूलन, सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान, फिट इंडिया कार्यक्रम आदि की जानकारी प्रदान की गई।


