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नियमितीकरण की मांग पर बिजली संविदा कर्मियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, नवा रायपुर में महापड़ाव

रायपुर – छत्तीसगढ़ राज्य की विद्युत वितरण एवं पारेषण कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी एकसूत्रीय मांग नियमितीकरण को लेकर बुधवार, 1 जुलाई 2026 से नवा रायपुर के तुता धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में पहुंचे संविदा कर्मी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और नियमितीकरण का लिखित आदेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ के अनुसार प्रदेश के लगभग 25 हजार संविदा कर्मचारी पिछले कई वर्षों से कम वेतन में जोखिम भरे कार्य कर रहे हैं। संघ का कहना है कि बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, लाइन लॉस कम करने, राजस्व वसूली तथा 24×7 विद्युत आपूर्ति बनाए रखने में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसके बावजूद उन्हें नियमित नहीं किया गया है।


संघ का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन और शासन स्तर पर पूर्व में कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक नियमितीकरण के संबंध में कोई ठोस नीति लागू नहीं की गई। कई बार ज्ञापन सौंपने के बाद भी मांग लंबित रहने से कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि संघ ने स्पष्ट किया है कि वह आवश्यक एवं आपातकालीन विद्युत सेवाओं को बाधित नहीं करना चाहता, लेकिन कर्मचारियों की लगातार हो रही उपेक्षा अब स्वीकार्य नहीं है।
संघ ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री एवं विद्युत कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि प्रदेश में लाइन कर्मचारियों की कमी और संविदा कर्मियों के भविष्य को देखते हुए बिना शर्त नियमितीकरण का निर्णय लिया जाए, ताकि कर्मचारियों को सम्मानजनक रोजगार मिल सके और प्रदेश की बिजली व्यवस्था भी निर्बाध रूप से संचालित होती रहे।

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