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महाराणा प्रताप जयंती पर खैरा में हुआ भव्य आयोजन, प्रतिभावान विद्यार्थियों व वरिष्ठजनों का सम्मान

माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दें : रंजीत पवार

खैरा – वीरता, शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर राजपूत क्षत्रिय समाज कल्याण समिति खैरा द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शौर्य प्रदर्शन के साथ हुआ, जहां समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति को नमन करते हुए उनके आदर्शों को याद किया।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत पवार ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक युग में बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना भी उतना ही आवश्यक है। शिक्षा जहां सफलता का मार्ग प्रशस्त करती है, वहीं संस्कार बच्चों को अनुशासन, जिम्मेदारी और अच्छे नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही बच्चे समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हैं।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विकास सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन सत्य, सम्मान और राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देता है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज को मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर बेनी सिंह बैस, प्रकाश जायसवाल, उत्तम सिंह राजपूत एवं पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत ने किया।
इस दौरान विशिष्ट अतिथि प्रहलाद सिंह, शिव ठाकुर, गोपाल सिंह, गीतेश सिंह, फूलचंद अग्रहरि, महावीर सिंह, रितिका राजपूत, पिंटू राजपूत, निरंजन सिंह, बुंदेश्वर सिंह, रघुनंदन सिंह, हरिओम सिंह एवं शंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाज की ओर से उपाध्यक्ष सुदर्शन सिंह, सचिव धर्मेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष मनमोहन सिंह, सह-कोषाध्यक्ष गणेश सिंह, सह-सचिव भागवत सिंह, झामन सिंह, प्रीतम सिंह, प्रेम सोमवंशी, पवन मिरी, नितेश सिंह, माधव सिंह, रघुपाल सिंह एवं देवचरण सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।


प्रतिभावान विद्यार्थियों और वरिष्ठजनों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम में शैक्षणिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों और वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया। कक्षा 10वीं के सिद्धांत सिंह, अविनाश सिंह, परिधि परिहार, आनिया राजपूत और लोकेश सिंह तथा कक्षा 12वीं के भागवत सिंह, अर्जुन सिंह, रोशन सिंह, सुशांत सिंह और ओंकार सिंह को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा भारतीय सेना में चयनित अभय सिंह तथा भरतनाट्यम प्रतियोगिता में दुर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छाया राजपूत को तिलक लगाकर श्रीफल और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का गौरव है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने, समाज में शिक्षा और संस्कार को बढ़ावा देने तथा नई पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का संकल्प लिया गया।

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