

कोटा – अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर से संबद्ध शासकीय निरंजन केशरवानी महाविद्यालय कोटा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई एवं युथ रेडक्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वाधान में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत युवावर्ग को प्रेरित करने हेतु जागरूकता कार्यक्रम एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. नाज़ बेंजामिन ने अपने उद्बोधन में बताया कि नशा मुक्त समाज के लिए जागरूकता आवश्यक है. उन्होंने बताया कि आज के दौर में अधिकाशंतः लोगों की मृत्यु मादक पदार्थों के सेवन से हो रही है. युवा पीढ़ी इसका सबसे अधिक शिकार हो रही है. मादक पदार्थों के सेवन से न केवल कैंसर होता है बल्कि हृदय रोग, मधुमेह, क्षयरोग, लकवा, दमा, फेफड़े संबंधी बीमारियां आदि होती हैं जिससे असमय मृत्यु हो जाती है. गर्भवती महिला धूम्रपान करती है तो उसके गर्भस्थ शिशु की मृत्यु भी हो सकती है. कार्यक्रम अधिकारी शितेष जैन ने विभिन्न प्रकार के नशा एवं उनके दुष्परिणामों की जानकारी प्रदान की और बताया कि भारत सरकार एवं छ.ग. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली हानियों के बारे में निरंतर जागरूक किया जा रहा है. उन्होंने युवाओं से मादक पदार्थों एवं अन्य किसी भी प्रकार के व्यसन से दूर रहने की अपील की. रेडक्रास की नोडल अधिकारी डॉ. संजू पाण्डेय ने मादक पदार्थों के सेवन से मानव शरीर में होने वाली विभिन्न प्रकार के बीमारियों एवं इनसे होने वाली हानियों की विस्तार से जानकारी दी. गणित विभाग के प्रो. वाई. के. उपाध्याय ने बताया कि सभी विद्यार्थियों का यह कर्तव्य है कि वे अपने घर एवं आसपास के लोगों को तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों से होने वाली हानियों की जानकारी प्रदान करें. इस जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के लिये भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसमें सुषमा साहू ने प्रथम, दीपांजलि ने द्वितीय एवं सुभाष साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया. कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम त्रिवेदी ने किया. इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय के स्टाफ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित थे।



