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साक्षरता दूत प्रशांत पांडेय राज्य शिक्षा एवं साक्षरता फोरम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त

रायपुर – शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र में लगभग 35 वर्षों से सक्रिय योगदान देने वाले शिक्षाविद एवं साक्षरता दूत श्री प्रशांत कुमार पांडेय को राष्ट्रीय शिक्षा एवं साक्षरता फोरम (NELF) द्वारा स्टेट एजुकेशन एंड लिटरेसी फोरम (SELF) छत्तीसगढ़ का अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगी।

राष्ट्रीय शिक्षा एवं साक्षरता फोरम के सदस्य सचिव पी. के. भटनागर द्वारा जारी नियुक्ति आदेश में कहा गया है कि श्री पांडेय ने शिक्षा, साक्षरता, जनजागरण एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायी कार्य किए हैं। उनके दीर्घ अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं नवाचार आधारित कार्यशैली को दृष्टिगत रखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है।

जारी आदेश के अनुसार श्री पांडेय को राज्य स्तर पर प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकार प्रदान किए गए हैं। साथ ही उन्हें छत्तीसगढ़ के सभी संभागों एवं जिलों में फोरम की इकाइयों के गठन, पदाधिकारियों के मनोनयन तथा जनप्रतिनिधियों, प्रशासन एवं मीडिया से समन्वय स्थापित कर संस्था के उद्देश्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधिकृत किया गया है।

श्री पांडेय विगत 35 वर्षों से छत्तीसगढ़ में साक्षरता आंदोलन, नवाचार आधारित शिक्षण, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता के माध्यम से शिक्षा के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर अनेक उपलब्धियाँ प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ को 25 वर्षों में राष्ट्रपति महोदय द्वारा 25 राष्ट्रीय साक्षरता पुरस्कार प्राप्त होने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है।

श्री पांडेय को शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए विभिन्न राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री अक्षर सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। हाल ही में उन्हें प्रतिष्ठित “कीर्तिशेष कृष्ण कुमार गुप्ता सम्मान” से भी सम्मानित किया गया। वे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत एवं छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा जापान सहित विभिन्न देशों में साक्षरता एवं शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों में सहभागिता निभा चुके हैं।

नियुक्ति के उपरांत श्री पांडेय ने कहा कि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप राज्य में शिक्षा, साक्षरता, कौशल विकास, फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी (FLN), जनजागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। उन्होंने कहा कि “शिक्षित भारत • विकसित भारत” के संकल्प को जनआंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा।

शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक शिक्षाविदों, साहित्यकारों, पत्रकारों एवं सामाजिक संगठनों ने उनकी नियुक्ति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के शिक्षा जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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