
कोटा – क्षेत्र में इन दिनों मिट्टी व मोरम का अवैध उत्खनन कार्य बेखौप चल रहा है।ठेकेदारों द्वारा भोले भाले किसानों को उनकी जमीन समतलीकरण करने के नाम पर इकरानामा तैयार कराकर उनकी जमीन को 10 से 12 फीट गहरा खोदकर खाई नुमा बना दिया जा रहा है जिससे उक्त भूमि में कृषि कार्य किया जाना संभव नहीं हो पाता और वर्षा ऋतु में पानी भरने से मानव तथा पशु जीवन के प्रति खतरा पैदा होगा।

ऐसे गोरख धंधे में कार्यवाही नहीं होना खनिज विभाग की ठेकेदार के साथ संलिप्तता व मिली भगत की ओर इंगित करता है।हाल ही में ग्राम छतौना में कृषक मुरली पिता चंद्रभान पैकरा की भूमि खसरा नंबर 179/1 मे हुए अवैध उतखनन पर मीडिया द्वारा पटवारी का ध्यान आकर्षित कराए जाने पर उन्होंने 28 फरवरी को स्थल का मुआयना कर नाप जोख करते हुए 9856 घन मीटर यानी 348061 घन फ़ीट क्षेत्र में अवैध उत्खनन किए जाने का प्रकरण तैयार कर तहसील कार्यालय में प्रस्तुत किया है जहाँ मामला अभी लंबित है।

इस संबंध में जब तहसीलदार बेलगहना श्री रोशन साहू से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि मामला निजी भूमि का है इसलिए भू राजस्व संहिता की धारा 247 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।प्रावधान के तहत भू स्वामी को बुलाकर बयान दर्ज किया जाएगा कि उसने उस मिट्टी को कहां उपयोग किया इसके बाद अग्रिम कार्रवाई करते हुए मामला उच्च अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा

