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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, उसलापुर के प्रांगण में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का किया गया आयोजन

बिलासपुर – प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, उसलापुर के प्रांगण में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, उसलापुर के प्रांगण में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत परमपिता परमात्मा की याद से की गई।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्रीमती गायत्री साहू (ग्रामीण जिला अध्यक्ष, भाजपा), श्रीमती अनामिका दुबे (सोशल वर्कर), माननीय श्रीमती क्षमा सिंह जी (समाजसेवी) तथा माननीय श्रीमती निधि मंडावी जी उपस्थित रहीं। साथ ही माउंट आबू से पधारी बीके डॉ. मनीषा दीदी जी (फिजियोथैरेपिस्ट), आदरणीय ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी जी (मुंगेली की मुख्य संचालिका) तथा उसालापुर सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी छाया दीदी जी भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर आदरणीया गुलजार दादी जी की पाँचवीं पुण्यतिथि पर सभी अतिथियों द्वारा उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत ब्रह्माकुमारी शिवानी बहन एवं मधु बहन द्वारा प्रस्तुत सुंदर स्वागत नृत्य से हुई, जिसने उपस्थित सभी का मन मोह लिया।


अपने उद्बोधन में ब्रह्माकुमारी सीमा दीदी जी ने तनावमुक्त जीवन शैली के विषय में प्रकाश डालते हुए कहा कि आध्यात्मिकता के माध्यम से जीवन में शांति, संतुलन और सकारात्मकता लाई जा सकती है। उसालापुर सेवा केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी छाया दीदी जी ने “वंदे मातरम् – स्वर्णिम भारत” थीम पर अपने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए बताया कि आध्यात्मिक मूल्यों के आधार पर ही स्वर्णिम भारत का निर्माण संभव है। साथ ही उन्होंने आधुनिक नारी को आध्यात्मिकता की राह पर अग्रसर होने की प्रेरणा दी, ताकि वे अपने परिवार और समाज के कल्याण का कार्य करते हुए अपने घर को स्वर्ग समान बना सकें।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गायत्री साहू जी ने नारी शक्ति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज की नारी में अपार शक्ति और क्षमता है। वह हर क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दी गईं। इनमें प्रतिभागियों द्वारा सीता माता (नीलम बहन), अहिल्याबाई होलकर (शिल्पा बहन), रानी लक्ष्मीबाई (प्रीति बहन), शिक्षक (सुशीला बहन) तथा वकील (साक्षी बहन) के रूप में महान महिला चरित्रों का सुंदर मंचन किया गया, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने खूब सराहा।


कार्यक्रम के दौरान माउंट आबू से पधारी बीके डॉ. मनीषा दीदी जी ने महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन सरल व्यायाम और नियमित दिनचर्या अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी उपयोगी जानकारी देते हुए कुछ आवश्यक दैनिक एक्सरसाइज के बारे में भी बताया।
इसके साथ ही गायिका वर्षा बहन द्वारा अत्यंत सुंदर गीत प्रस्तुत किया गया। रूबी बहन तथा दुर्गा बहन ने अपनी स्वरचित कविताएँ प्रस्तुत कर कार्यक्रम को और भी भावपूर्ण बना दिया। नृत्य शिक्षिका शानू बहन भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं। वहीं नीमा माता एवं उनके समूह द्वारा पंथी नृत्य की मनोरम प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी माता एवं बहनों का बैच एवं नारियल भेंट कर सम्मान किया गया।
इस प्रकार आध्यात्मिकता, प्रेरणा, स्वास्थ्य जागरूकता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से परिपूर्ण यह कार्यक्रम सभी के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं यादगार रहा।

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