

बिलासपुर – कोटा पुलिस द्वारा सराफा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। रजनेश सिंह (उप महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर) एवं मधुलिका सिंह (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण) के मार्गदर्शन में अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नूपुर उपाध्याय के निर्देश पर कोटा अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले थाना क्षेत्रों में सराफा व्यवसायियों की सुरक्षा संबंधी बैठक आयोजित की गई।
थाना रतनपुर, कोटा, तखतपुर एवं बेलगहना के थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्र के सराफा व्यापारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह सजग है तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की।

बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु निम्न निर्देश दिए गए—
दुकानों में हाई डेफिनिशन ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने एवं उनकी नियमित रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश।
सभी कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराने की सलाह।
संदिग्ध व्यक्तियों या गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह।

दुकानों में अग्निशमन उपकरण रखने तथा कर्मचारियों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण देने की सलाह।
पुलिस पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाने तथा चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर।
सभी दुकानों में थाना प्रभारी एवं बीट अधिकारी/कर्मचारियों के मोबाइल नंबर चस्पा करने के निर्देश।

प्रत्येक दुकान में सायरन (अलार्म) सिस्टम लगाने के निर्देश, ताकि आपात स्थिति में आसपास के लोग सतर्क हो सकें।
ग्राहकों से बिना मास्क/नकाब के दुकान में प्रवेश करने का आग्रह।
प्रत्येक ग्राहक का नाम एवं मोबाइल नंबर रजिस्टर में दर्ज करने के निर्देश।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सराफा व्यवसाय संवेदनशील श्रेणी में आता है, इसलिए व्यापारियों और पुलिस के बीच समन्वय आवश्यक है। बैठक के माध्यम से सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने तथा अपराधों की रोकथाम की दिशा में प्रभावी कदम उठाने पर बल दिया गया।


