

बिलासपुर – शासकीय प्राथमिक शाला भनवारटंक, विकासखंड कोटा, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) की समर्पित शिक्षिका श्रीमती सुनीता कुर्रे को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं नवाचारी योगदान के लिए “राष्ट्रीय क्रांतिकारी नवाचारी शिक्षक सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 4 जनवरी को राजस्थान के कोटा में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा क्षेत्र के अनेक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। श्रीमती सुनीता कुर्रे को यह सम्मान छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए उनके नवाचारी प्रयासों—विशेषकर आर्ट-क्राफ्ट आधारित शिक्षण, स्वनिर्मित टीएलएम (Teaching Learning Material), परियोजना-आधारित गतिविधियाँ, सामुदायिक सहभागिता तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के सहयोग—के लिए प्रदान किया गया।
श्रीमती कुर्रे द्वारा विद्यालय में बच्चों के सीखने को रोचक बनाने हेतु रंग-बिरंगे शिक्षण चार्ट, खेल-आधारित गतिविधियाँ, स्थानीय संसाधनों से तैयार शिक्षण सामग्री और रचनात्मक आर्ट-क्राफ्ट मॉडल विकसित किए गए। उनके प्रयासों से विद्यालय में सीखने का वातावरण सक्रिय, सृजनात्मक और सहभागितामूलक बना है। साथ ही, वे जरूरतमंद बच्चों को कॉपी-किताब, अध्ययन सामग्री और प्रोत्साहन सहयोग उपलब्ध कराकर शिक्षा से जोड़ने का सार्थक प्रयास कर रही हैं।
समुदाय और अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ने की उनकी पहल की भी व्यापक सराहना की गई। छात्रों की प्रतिभा-विकास गतिविधियों, कला-प्रदर्शन, बाल-विज्ञान कार्यशालाओं और नवाचार क्लब के बारे में
सम्मान प्राप्त करते हुए श्रीमती सुनीता कुर्रे ने कहा कि यह उपलब्धि उनके विद्यार्थियों, सहकर्मी शिक्षकों और समुदाय के सहयोग की देन है। उन्होंने आगे भी नवाचार आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया।
इस उपलब्धि से क्षेत्र के शिक्षकों और विद्यार्थियों में हर्ष की लहर है तथा इसे छत्तीसगढ़ की शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणादायी उपलब्धि माना जा रहा है।


