

हनुमान अग्रवाल (बेलगहना) जल संसाधन संभाग पेंड्रारोड़ के उपसंभाग खोगसरा द्वारा किसानों से ज्यादा अपने हित को ध्यान मे रखकर करोड़ो की लागत की सिचाई योजना घनघोर जंगल मे बनाई गयी है और वह भी नियम कायदो को ताक पर रखकर। इस मामले मे सिचाई विभाग से ज्यादा वन विभाग दोषी नजर आ रहा है जिसने अनचाही व अनुपयोगी योजना को पूर्ण करने मे सिचाई अधिकारियो से चोली दामन का साथ निभाते हुए वन संरक्षण अधिनियम की खुले आम धज्जिया उड़ाई है। हकीकत तो यह है क़ि उक्त घनघोर जंगल के जिन्दा नाले मे उक्त योजना की जरुरत ही नहीं थी। वन विभाग व सिचाई विभाग ने चोली दामन का साथ क्यों निभाया इसे जानने के लिए अगले एपिसोड का इन्तजार करें।



