

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने गाँव-गाँव में आशियाने के सपनों को साकार किया है। इसी परिवर्तन की मिसाल हैं पार्वती पति बहोरन, ग्राम पंचायत कोटमीकला की निवासी, जिनकी आवास आई.डी. 117313174 है।
वर्ष 2024-25 में योजना के अंतर्गत स्वीकृति मिलने के बाद पार्वती ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार के लिए एक सुदृढ़ और सुरक्षित पक्का घर बनाएंगी। पहले उनका परिवार मिट्टी और टीन की छत वाले कच्चे मकान में रहता था, जहाँ गर्मी, सर्दी और बारिश सभी मौसमों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली सहायता राशि ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। परिवार के सहयोग और अपने परिश्रम से पार्वती ने एक सुंदर, स्वच्छ और मजबूत घर का निर्माण कराया।
अब पार्वती आत्मविश्वास से कहती हैं —
> “यह घर सिर्फ दीवारों का नहीं, हमारे सपनों और मेहनत का प्रतीक है। सरकार की इस योजना ने हमें सम्मान से जीने का हक दिया है।”
ग्राम पंचायत कोटमीकला में पार्वती जैसी अनेक हितग्राही महिलाओं ने इस योजना के माध्यम से न केवल अपना घर बनाया है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई मिसाल भी पेश की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) निरंतर ग्रामीण भारत के हर कोने में “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को साकार कर रही है — ताकि हर परिवार को मिले अपना पक्का, सुरक्षित और स्वाभिमान से भरा घर।



