
बिलासपुर – पावन पर्व अक्षय तृतीया के अवसर पर आस्था, परंपरा और सामाजिक सरोकार का सुंदर संगम देखने को मिला। रतनपुर स्थित महामाया मंदिर ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 125 जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इस भव्य आयोजन ने सादगी, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रेरक संदेश दिया।

समारोह के दौरान विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच सात फेरों की पवित्र रस्म पूरी कर नवविवाहित जोड़ों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन स्थल पर भक्ति, उल्लास और उत्सव का वातावरण बना रहा। बड़ी संख्या में उपस्थित परिजनों, जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।

ट्रस्ट की ओर से प्रत्येक जोड़े को विवाह का जोड़ा, मंगलसूत्र, ₹5100 की नगद राशि सहित दैनिक उपयोग के आवश्यक उपहार प्रदान किए गए। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को न केवल आर्थिक संबल मिला, बल्कि उन्हें सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न करने का अवसर भी प्राप्त हुआ।

आज के दौर में बढ़ते आडंबर और खर्चीली शादियों के बीच यह सामूहिक विवाह समारोह एक मिसाल बनकर सामने आया। इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि सादगी और सामूहिक सहयोग से भी सामाजिक परंपराओं का निर्वहन गरिमा के साथ किया जा सकता है। 125 जोड़ों के लिए यह अवसर न केवल नई जिंदगी की शुरुआत बना, बल्कि खुशियों, उम्मीदों और सामाजिक एकता का प्रतीक भी साबित हुआ।

