
हनुमान अग्रवाल (बेलगहना) क्षेत्र में अगस्त माह के बिजली बिलों में गड़बड़ी को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि अगस्त माह की मीटर रीडिंग दो बार दर्ज होने के कारण उन्हें सामान्य से कई गुना अधिक राशि के बिल जारी किए गए हैं। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि जिनका सामान्य मासिक बिल करीब तीन से चार हजार रुपये आता था, उन्हें इस बार 20 हजार रुपये से अधिक का बिल प्राप्त हुआ है।
उपभोक्ताओं के अनुसार, मोर बिजली एप पर दर्ज रीडिंग और बिल में दर्शाई गई खपत में भी अंतर दिखाई दे रहा है। वहीं ऑनलाइन भुगतान के दौरान प्रदर्शित राशि को लेकर भी उपभोक्ताओं ने असमंजस की स्थिति बताई है। इसके चलते विद्युत विभाग के बेलगहना कार्यालय में शिकायतों का सिलसिला जारी रहने की बात सामने आई है।
रतनपुर उपसंभाग में अधिक शिकायतों का दावा
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की शिकायतें रतनपुर उपसंभाग क्षेत्र में अधिक सामने आई हैं। हालांकि इन शिकायतों की वास्तविक स्थिति और गड़बड़ी के कारणों की विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि बिलिंग प्रक्रिया में तकनीकी अथवा विभागीय स्तर पर त्रुटि हुई है तो संशोधित बिल जारी कर वास्तविक खपत के आधार पर राशि वसूली जानी चाहिए।
सहायक यंत्री ने बताया तकनीकी त्रुटि
मामले को लेकर रतनपुर उपसंभाग में पदस्थ सहायक यंत्री आर.के. जगत से चर्चा किए जाने पर उन्होंने बिल संबंधी समस्या को तकनीकी त्रुटि बताया। वहीं उपभोक्ताओं की मांग है कि ऐसी स्थिति में भुगतान की अंतिम तिथि बढ़ाकर उन्हें संशोधित बिल उपलब्ध कराया जाए, ताकि गलत या अधिक राशि जमा करने की स्थिति न बने।
भुगतान के बाद अगले दिन फिर दिखा बकाया
इसी बीच कुछ उपभोक्ताओं ने एक और गंभीर समस्या की शिकायत की है। जिन उपभोक्ताओं के बिजली बिल की भुगतान अंतिम तिथि 5 अक्टूबर थी, उनका कहना है कि उन्होंने 5 अक्टूबर को पूरी राशि का भुगतान कर दिया। इसके बावजूद 6 अक्टूबर को सितंबर माह का नया बिल जारी होने पर उसमें पिछली बकाया राशि दिखाई गई।
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब पूर्व बिल का पूरा भुगतान किया जा चुका है तो नए बिल में बकाया राशि प्रदर्शित होने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए। इस तरह की शिकायतों से उपभोक्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
जांच और बिल सुधार की मांग
उपभोक्ताओं ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, बिलिंग संबंधी तकनीकी खामियों को दूर करने तथा जिन उपभोक्ताओं के बिल गलत जारी हुए हैं, उनके बिल संशोधित करने की मांग की है। साथ ही भुगतान की अंतिम तिथि और विलंब शुल्क को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठ रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं होने पर अनावश्यक रूप से अधिक राशि जमा करने का दबाव बन सकता है। ऐसे में विभाग द्वारा शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक है।
