
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन पेंड्रा के जिला शारीरिक एवं प्रशिक्षण संस्थान में कथित धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़ा है। संगठनों ने शिक्षिका फ्लोरा ज्योत्सना लाल की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने बताया कि संस्था में कथित तौर पर धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं। इसमें लोगों को प्रलोभन या दबाव देकर धर्मांतरण कराने के आरोप लगे हैं।
संगठनों ने साफ किया कि उनका मकसद किसी को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। वे चाहते हैं कि पूरे मामले की सच्चाई सामने आए और तथ्यों के आधार पर जांच हो।
ज्ञापन में कई मुख्य मांगें रखी गई हैं। इसमें कथित धर्मांतरण मामले की तुरंत निष्पक्ष जांच कराने की बात कही गई है।
संगठनों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक शिक्षिका फ्लोरा ज्योत्सना लाल को पद से हटाया या निलंबित किया जाए, ताकि जांच पर कोई असर न पड़े। शिकायत में बताए गए युवक की भूमिका की भी जांच हो और आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, संस्था के सीसीटीवी फुटेज, दस्तावेज, मोबाइल/डिजिटल सबूत और संबंधित लोगों के बयान सुरक्षित कर जांच में शामिल करने को कहा गया है। अगर जांच में जबरन, प्रलोभन या दबाव से धर्मांतरण कराने की पुष्टि होती है, तो एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठनों ने यह भी मांग की है कि प्रारंभिक जांच और कार्रवाई की जानकारी उन्हें दी जाए।
बजरंग दल विभाग संयोजक सागर पटेल ने कहा कि संगठन का मकसद किसी निर्दोष को परेशान करना नहीं है। उनका उद्देश्य धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित कराना है। संगठन ने प्रशासन से इस मामले में जल्द जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग की है।
इस दौरान बजरंग दल विभाग संयोजक सागर पटेल, विश्व हिंदू परिषद उपाध्यक्ष सरोज पवार, जिला सह मंत्री निखिल परिहार, विभाग सह संयोजिका प्रिया त्रिवेदी, मातृशक्ति संयोजिका विभा तिवारी, बृजेश सोनी, उत्तम राय, बृजेश पुरी, शिवम साहू, अभिषेक जायसवाल, रवि साहू, कंचन मिश्रा, रामेश्वरी धुर्वे, बबीता सिंह, गरिमा तिवारी, संदीप चौधरी, राजा कश्यप, सरोज चंद्रा, रुक्मणी तिवारी, गर्वदीप साहू, राकेश राठौर, कुंवारे लाल, लखन लाल, महेंद्र और कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।





