
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरमोहली में अवैध शिकार के दौरान 21 वर्षीय युवक की गोली लगने से मौत के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। घटना के बाद आरोपियों ने हत्या को छिपाने के लिए मृतक के परिजनों को बंदूक की नोक पर धमकाकर बिना पोस्टमार्टम शव का अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक भरमार बंदूक, एक एयरगन और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार 28 जून 2026 को ग्राम कोटवार ने सूचना दी थी कि ग्राम दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है तथा पुलिस को सूचना दिए बिना ही आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सूचना पर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, एसडीओपी सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे एवं एफएसएल टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
प्रारंभिक पूछताछ में मृतक के परिजनों ने पेट दर्द और खून की उल्टी-दस्त से मौत होने की बात कही, लेकिन एफएसएल जांच के दौरान घर में खून के धब्बे मिलने और घटनास्थल की परिस्थितियों से पुलिस को संदेह हुआ। मर्ग जांच के दौरान मृतक के बड़े भाई पवन सिंह ने पूरी घटना का खुलासा किया।
जांच में सामने आया कि 27 जून को सरवन सिंह गांव के अन्य लोगों के साथ जंगल में जंगली जानवर का शिकार करने गया था। शिकार के दौरान घेराबंदी करते समय मुख्य आरोपी रामायण सिंह कुशराम ने अपनी भरमार बंदूक से गोली चला दी, जो सरवन के सीने में लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद सभी आरोपियों ने मृतक के भाई और पिता को मौके पर बुलाकर हाथ जोड़कर मामला दबाने की कोशिश की। विरोध करने पर दोनों को गोली मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने रात में शव को घर लाकर अगले दिन सुबह बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें।
डर के कारण परिजनों ने पहले पुलिस को झूठी जानकारी दी, लेकिन बाद में मृतक के भाई ने हिम्मत जुटाकर पूरी सच्चाई पुलिस को बताई। इसके बाद पुलिस ने हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक धमकी एवं आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी रामायण सिंह कुशराम सहित कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक भरमार बंदूक, एक एयरगन तथा तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पुलिस ने बताया कि इस मामले के सफल खुलासे में एसडीओपी सत्यकला रामटेके, थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे, उपनिरीक्षक अजय वारें, पीएसआई आकाश बघेल, पीएसआई नेहा रावटे सहित थाना गौरेला, साइबर सेल एवं एफएसएल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
